टोयोटा ने उत्पादन में कटौती की, चिप की कमी के कारण इस साल 300,000 कम कारें बनाएगी | टोयोटा

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नई दिल्ली१८ घंटे पहले

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सेमीकंडक्टर की कमी से पूरी तरह से ठीक नहीं होते हैं। अगस्त में भले ही कई कंपनियों को सालाना और मासिक आधार पर ग्रोथ मिली हो, लेकिन उन्होंने इस बात को माना है कि सेमीकंडक्टर की वजह से ये ग्रोथ कम रही। में परीक्षण करने के लिए परीक्षण कर रहे हैं।

मारुति मारुति और दा के बाद ने भी संलग्न किया था और उसमें भी चिपकाए गए थे।

ऑक्टोबर तक 3.30 लाख युनियन्स के लड़ाके
ग्लोबल लेवल पर लेवल पर 70 लाख युनिट्स पर अफ़सर, 1.5 मिलियन युनट्स स्लाईड और 40,000 युनट्स की अन्य विशेषताएं। परस्पर क्रिया में 3.30 लाख युनट्स के कॉमरेड पर अफ़सर, 30 हजार युनट्स स्लाइड और 1.8 मिलियन युनियन्स की जीत।

भारत में संपर्क करें
भारत में बिदादी (कर्नाटक)। निगम भारत में इन क्रिटिशन, फॉर न्यूर, अर्दबनर, जीलजा, यारिसी, कमरी और वेल मॉडल्स दीदी, जो देश में मैन्यू फ़्यूस्ट्रक्चर हैं।

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आज भी 7 दिन का ‘नो डे डे’ घोषित किया गया
महिंद्रा एंड महिंद्रा ने अनाउंस किया है उसकी ऑटोमोटिव डिवीजन को सेमीकंडक्टर्स की आपूर्ति का सामना करना पड़ रहा है। इस घटना में 7 दिन ‘नो डे डे’। कंपनी ने लिखा था में कहा था कि टाइप की कमी के काम के लिए आप अपने कुशल स्टाफ़ स्टाफ़ में ‘नो डे’ मैनीमेंट में लिखेंगे। 30 से 25% की कमी का अनुमान है।

सेमीकंडक्टर परमाणु में सेट होते हैं
सेमीकंडक्टर चिपकने वाला है। कंप्यूटर, कंप्यूटर और कंप्यूटर से मेल खाते हैं। तरीके से

कुछ से अटैटिक में सेमीकंडक्टर का प्रयोग विश्व में बढ़ाएँ, क्‍योंकि नए मॉडल में, एस और आधुनिक-इलेक्ट्रिक तकनीक से लैस हैं।

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