Congress MP said- BJP is raising the issue of population policy for political gains, a particular community on target | कांग्रेस सांसद ने कहा- राजनीतिक फायदे के लिए जनसंख्या नीति का मुद्दा उठा रही भाजपा, निशाने पर खास समुदाय

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नई दिल्ली2 घंटे पहले

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कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने जनसंख्या नियंत्रण बिल को लेकर भाजपा पर हमला बोला है। थरूर ने शनिवार को कहा कि भाजपा राजनीतिक फायदे के लिए जनसंख्या का मुद्दा उठा रही है। इसका मकसद सिर्फ और सिर्फ एक खास समुदाय को निशाना बनाना है।

थरूर ने संसद सत्र को लेकर कहा कि विपक्ष जिन मुद्दों पर सरकार से चर्चा करनी चाहती है, वहां हंगामा कर सत्र को रोका जाता है। केंद्र सरकार संसद को एक नोटिस बोर्ड के रूप में देखना पसंद करती है, जहां वे सिर्फ अपने कानूनों और नीतियों की घोषणा कर सकते हैं। पढ़िए शशि थरूर से खास बातचीत…

सवाल: जनसंख्या नियंत्रण को लेकर देशभर में बहस हो रही है, यूपी में बिल भी तैयार है। क्या कहेंगे?
जवाब: जनसंख्या को लेकर जारी बहस बेकार है। इस पर तो पिछले 50 साल से चर्चा चल रही है। आबादी के बड़े हिस्से वाले राज्यों में जन्म दर तो स्थिर है। अगले 20 साल में देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती बुजुर्ग आबादी को लेकर होगी, न कि बढ़ती आबादी की। जहां तक यूपी सरकार का सवाल है तो भाजपा राजनीतिक फायदे के लिए जनसंख्या का मुद्दा उठा रही है। इसका मकसद सिर्फ और सिर्फ एक खास समुदाय को निशाना बनाना है।

सवाल: यूपी, असम और लक्षद्वीप में इसकी चर्चा सबसे ज्यादा है, ऐसा क्यों?
जवाब: यह कोई इत्तेफाक नहीं है कि उत्तर प्रदेश, असम और लक्षद्वीप में आबादी कम करने की बात हो रही है, जहां हर कोई जानता है कि भाजपा का इरादा किस ओर है। हमारी राजनीति में हिंदुत्व तत्वों ने वास्तव में जनसांख्यिकीय मुद्दों का अध्ययन नहीं किया है। उनका मकसद विशुद्ध रूप से राजनीतिक और सांप्रदायिक है। भाजपा के कई सांसद भी आगामी मानसून सत्र (19 जुलाई से 13 अगस्त) में जनसंख्या नियंत्रण और समान नागरिक संहिता पर बिल लाने की तैयारी कर रहे हैं।

सवाल: संसद के मानसून सत्र में विपक्ष किन मुद्दों के साथ सरकार को घेरेगी?
जवाब: कोरोना का कुप्रबंधन, वैक्सीनेशन पॉलिसी, कृषि कानून को लेकर किसानों के आंदोलन को हल करने में विफलता, विकास दर, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें, खाने-पीने की चीजों का महंगा होना और बढ़ती बेरोजगारी बहुत सारे मुद्दे हैं। मैं तो कहता हूं कि केंद्र सरकार इतनी अक्षम है कि कई मुद्दे हैं। हमें बस जनहित में उठाने की जरूरत है।

सवाल: विदेश मामलों में सरकार कितनी सफल रही?
जवाब: फ्रांस के साथ राफेल विमान की खरीदी को लेकर सरकार सही जानकारी नहीं दे रही है। फ्रांस में इस पर जांच बिठा दी गई है। इसके साथ ही चीन के साथ बॉर्डर विवाद, अफगानिस्तान संकट जैसे मामलों में सरकार की नीति विफल रही है।

सवाल: क्या इस बार का सत्र शांतिपूर्ण रहेगा?
जवाब: संसद को सरकार एक नोटिस बोर्ड के रूप में देखना पसंद करती है जहां वे सिर्फ अपने कानूनों और नीतियों की घोषणा कर सकते हैं। आपने देखा होगा कि पिछले किसी भी सत्र में हंगामे का एकमात्र कारण रहा है। सरकार व्यवधान के माध्यम से मुद्दों से बचती रही है।

हमेशा सत्ताधारी पार्टी के राष्ट्रीय महत्व के एक विशिष्ट मुद्दे पर चर्चा करने से इनकार करने के कारण ही सत्र में बाधा आती है। विपक्ष के पास ध्यान आकर्षित करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि वो किसी भी मुद्दे पर बहस करने का साहस रखे।

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