मास वैक्सीनेशन : अमेरिका- ब्रिटेन से 4 सबक जो हमें सीख लेने चाहिए | Mass vaccination: 4 lessons we should learn from America – UK

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मास वैक्सीनेशन : अमेरिका- ब्रिटेन से 4 सबक जो हमें सीख लेने चाहिए | Mass vaccination: 4 lessons we should learn from America – UK

नई दिल्ली20 मिनट पहले

दुनियाभर में जिन देशों में Vaccination शुरू हुआ है, वहां इसके साइड इफेक्ट्स (Side effects)  भी देखने को मिले हैं। ऐसे में भारत में भी वैक्सीन (Vaccine)  लगाने के बाद इस तरह की समस्याएं आ सकती हैं।

लोगों को अब कोरोना महामारी (Corona epidemic)  से निजात मिलने की उम्मीद दिखाई देने लगी है। अमेरिका के साथ लगभग 6 देशों में टीकाकरण शुरू हो गया है। इसके पहले, ब्रिटेन ने 8 दिसंबर को दुनिया में सबसे पहले राष्ट्रीय स्तर पर वैक्सीनेशन (Vaccination) की शुरुआत की थी। रूस, चीन, यूएई जैसे देशों में पहले ही Corona vaccine को Emergency मंजूरी दी जा चुकी है। दुनियाभर में शुरू हो रहे Vaccination के साथ ही इससे जुड़ी कई बातें भी सामने आ रही हैं।

वैक्सीन के ट्रांसपोर्टेशन (Vaccine Transportation) , रख-रखाव के अलावा एशियाई और अफ्रीकी देशों में ट्रेंड स्टाफ (Trend staff) की कमी और इसकी सुरक्षा बड़ी समस्या है। वहीं, Vaccination के बाद कुछ लोगों में इसके side effect भी देखने को मिले रहे हैं। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं (Pregnant women) और बच्चों के Vaccination को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है।

गर्भवती महिलाओं और बच्चों पर Vaccine के असर का Data नहीं

United kingdom की Joint committee on vaccination and immunization (JCVI) ने 2 दिसंबर को जारी एक बयान में कहा कि हमें नहीं पता कि Pfizer Company की Vaccine लेने के बाद गर्भवती महिला और उसके बच्चे पर क्या असर पड़ेगा। इसे लेकर पूरी दुनिया में कोई पुख्ता Data भी उपलब्ध नहीं है। न ही इसे लेकर किसी इंसान या जानवर पर अध्ययन (Study)  किया गया है। इसलिए फिलहाल गर्भवती महिलाओं और जो महिलाएं मां बनना चाहती हैं, उनके लिए Pfizer Corona Vaccine लगाने पर रोक है।

वहीं अमेरिका के Food and drug के Center for Biologics Evaluation and Research के निदेशक डॉ.पीटर मार्क्स ने कहा है कि अमेरिका में किसी भी चीज से Allergies वाले लोगों को Vaccine नहीं दी जाएगी। आंकड़ों पर नजर डालें, तो पता चलता है कि दुनियाभर में कोरोना वैक्सीन के  Corona Vaccine लिए बड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।

  • अगर सभी कंपनियां ट्रायल Company Trial में सफल रहीं, तो 12 अरब   Vaccine Dose 2021 में आ सकती हैं।
  • पहले चरण में भारत और यूराेप से 200 करोड़ Vaccine Dose बाकी दुनिया में भेजे जाएंगे।
  • Vaccine पहुंचाने के लिए दुनियाभर में सरकारों ने 2500 हवाई जहाजों को अधिग्रहित किया है।
  • अकेला अफ्रीका दुनियाभर से 60 करोड़ Corona Vaccine Dose आयात करेगा।
  • एशियाई देश ( भारत और चीन को छोड़कर) 100 करोड़ Vaccine Dose आयात करेंगे।
  • भारत में Vaccine companies पर 2 महीने में 70 लाख से ज्यादा बार साइबर अटैक हो चुके हैं।

 Storage और Handling बड़ी समस्या रहेगी

अमेरिका में Pfizer’s Covid Vaccine के रोलआउट का पहला दिन काफी दिक्कतों से भरा रहा। वैक्सीन को माइनस 70 डिग्री पर Store करने की बाध्यता के चलते पहले दिन ही Vaccine की दो Tray company को वापस करनी पड़ी। कैलिफोर्निया में पहले दिन जो वैक्सीन डिलीवर हुई वो माइनस 70 से भी ज्यादा यानी माइनस (Minus) 80 डिग्री पर स्टोर(Store)  की गई थी। इसके चलते स्वास्थ्य कर्मियों ने वैक्सीन फाइजर (Vaccine Pfizer) को लौटा दी। Minus 80 डिग्री पर Vaccine के असर का अभी अध्ययन (Study) नहीं किया गया है। वहीं, एम्स (AIIMS)  के Director रणदीप गुलेरिया का कहना है कि हमारे देश में Cold chain supply को बनाए रखना बड़ी चुनौती होगी।

Trend staff की कमी से समस्या हो सकती है

Corona infection के कारण कई देश पहले से ही Trend staff की भारी कमी से जूझ रहे हैं। ऐसे में एक साथ बड़ी संख्या मे इस टीकाकरण के लिए Trend staff की कमी बड़ी बाधा बन सकती है। हालांकि सरकार निजी संस्थाओं की मदद ले सकती है। लेकिन, उन्हें इतनी जल्दी प्रशिक्षित करना, उनकी पड़ताल करना कठिन काम होगा।

भारत में पहले ही 6 लाख डॉक्टरों और 20 लाख नर्सों की कमी है। भारत में 10,189 लोगों पर एक सरकारी डॉक्टर है, जबकि WHO के अनुसार यह अनुपात 1:1000 होना चाहिए। इसी तरह, नर्स पेशेंट अनुपात 1:483 होना चाहिए, जबकि भारत में 1000 जनसंख्या पर 1.7 नर्स ही हैं।

Distribution system और लोगों में Vaccine को लेकर डर

Moderna, Pfizer-BioNtech और AstraZeneca-Oxford Vaccine के Two Dose, तीन से चार सप्ताह के अंतर पर लगाना जरूरी हैं। ऐसे में लोगों की Screening, Scheduling, Registration and Vaccine लगाने के लिए जगहों का चुनाव भी बड़ा टॉस्क (Big task) होगा।

अमेरिका में भी लोग Vaccine को लेकर डरे हुए हैं। न्यूयार्क टाइम्स में की खबर के अनुसार, 40% से अधिक अमेरिकी ऐसे हैं, जो  Corona Vaccine नहीं लगवाना चाहते। इनमें से अधिकतर Vaccine के सुरक्षित होने को लेकर चिंतित हैं। इसके अलावा बुजुर्गो में भी वैक्सीनेशन को लेकर बहुत ज्यादा रुचि नहीं है।

Vaccine का Reaction , Side effects भी खतरा होंगे

अमेरिका में शुरू हुए कोविड-19 वैक्सीनेशन के साथ ही इसके Side effects भी सामने आ रहे हैं। अलास्का में दो नर्सिंग स्टाफ में Allergies के गंभीर लक्षण दिखाई दिए। Chief Medical Officer डॉ. एजलीक रेमिरेज के अनुसार, गुरुवार को एक महिला नर्सिंग स्टाफ को वैक्सीनेशन के 10 मिनट बाद ही जीभ में सूजन, सांस लेने में दिक्कत और आवाज भारी होने की शिकायत हुई।

इसके बाद उसे Epinephrine की  2 Dose  दी गई। लगभग 6 घंटे बाद उसे Discharge किया गया। पहले भी एक नर्सिंग स्टाफ को ऐसी ही शिकायत हुई थी। इसे Anaphylactic symptoms कहा जाता है। भारत में भी इस तरह के खतरे बने रहेंगे। इन पर निगरानी रखनी होगी।

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