PM Narendra Modi will address the country in a while, talking to doctors yesterday and took stock of the situation | प्रधानमंत्री ने कहा- देश को लॉकडाउन से बचाना है; राज्य सरकारें इसे आखिरी विकल्प के तौर पर इस्तेमाल करें

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नई दिल्ली6 घंटे पहले

  • मोदी रात 8 बजकर 45 मिनट से 9 बजकर 04 मिनट तक कुल 19 मिनट तक बोले
  • मार्च 2020 से अब तक प्रधानमंत्री कोरोना पर कुल 8 बार देश को संबोधित कर चुके हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश के नाम संबोधन दिया। कोरोना के पिछले 13 महीने के दौर में यह उनका 8वां संदेश था। एक तरफ कई राज्य सरकारें लॉकडाउन लगा रही हैं, लेकिन प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में इससे बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा, ‘साथियों! आज की स्थिति में हमें देश को लॉकडाउन से बचाना है। मैं राज्यों से भी अनुरोध करूंगा कि वे लॉकडाउन को अंतिम विकल्प के रूप में ही इस्तेमाल करें। लॉकडाउन से बचने की भरपूर कोशिश करनी है। माइक्रो कंटेनमेंट जोन पर ही ध्यान केंद्रित करना है।’ राज्यों को मोदी की इस सलाह के ये मायने हैं कि केंद्र सरकार अभी देशभर में लॉकडाउन लगाने के बारे में नहीं सोच रही।

मोदी ने नवरात्र, राम नवमी और रमजान का जिक्र किया। वैक्सीन, ऑक्सीजन और दवाओं की सप्लाई के बारे में बताया और फ्रंटलाइन वर्कर्स का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि बड़ों को बिना जरूरत घर से बाहर निकलने से रोकने में बच्चे अहम भूमिका निभा सकते हैं। पढ़ें, 19 मिनट के प्रधानमंत्री के संबोधन की बड़ी बातें…

कोरोना की दूसरी लहर से हालात बिगड़े
मोदी ने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा, ‘कोरोना के खिलाफ देश आज फिर एक बहुत बड़ी लड़ाई लड़ रहा है। कुछ हफ्ते पहले तक स्थिति संभली हुई थी। अब यह दूसरी लहर तूफान बनकर आ गई। जो पीड़ा आप लोगों ने सही है, जो पीड़ा सह रहे हैं, उसका मुझे पूरा एहसास है। जिन लोगों ने बीते दिनों में अपनों को खोया है, मैं सभी देशवासियों की तरफ से उनके प्रति संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। परिवार के एक सदस्य के रूप में मैं आपके दुख में शामिल हूं। चुनौती बड़ी है, लेकिन हमें मिलकर अपने संकल्प, हौसले और तैयारी के साथ इसे पार करना है।’

मेडिकल स्टाफ और पुलिस की तारीफ की
मोदी ने कहा, ‘साथियों! अपनी बात को विस्तार देने से पहले मैं देश के सभी डॉक्टरों, मेडिकल-पैरा मेडिकल स्टाफ, सफाई कर्मी, एंबुलेंस के ड्राइवर, सुरक्षाबल, पुलिसकर्मी सभी की सराहना करूंगा। आपने कोरोना की पहली लहर में भी अपना जीवन दांव पर लगाया था। आज आप फिर इस संकट में अपने परिवार, सुख और चिंताएं छोड़कर दूसरों का जीवन बचाने में दिन-रात जुटे हुए हैं। हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि कठिन से कठिन समय में भी हमें धैर्य नहीं खोना चाहिए। किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए हम सही निर्णय लें, तभी हम विजय हासिल कर सकते हैं। इसी मंत्र को सामने रखकर आज देश दिन-रात काम कर रहा है।’

ऑक्सीजन का इंतजाम करने पर फोकस
‘इस बार कोरोना संकट में देश के अनेक हिस्से में ऑक्सीजन की डिमांड बहुत ज्यादा बढ़ी है। इस विषय पर तेजी से और पूरी संवेदनशीलता के साथ काम किया जा रहा है। केंद्र सरकार, राज्य सरकारें, प्राइवेट सेक्टर, सभी की पूरी कोशिश है कि हर जरूरतमंद को ऑक्सीजन मिले। ऑक्सीजन प्रोडक्शन और सप्लाई को बढ़ाने के लिए भी कई स्तरों पर उपाय किए जा रहे हैं। राज्यों में 1 लाख नए सिलेंडर पहुंचाने हों, उद्योगों में इस्तेमाल हो रही ऑक्सीजन का मेडिकल हो, ऑक्सीजन रेल हो, हर प्रयास किया जा रहा है।’

अस्पतालों में बेड और सुविधाएं बढ़ेंगी
‘इस बार फार्मा सेक्टर ने दवाओं का उत्पादन बढ़ा दिया है। आज जनवरी-फरवरी की तुलना में कई गुना ज्यादा दवाओं का प्रोडक्शन हो रहा है। इसे अभी और तेज किया जा रहा है। कल भी मेरी देश की फार्मा इंडस्ट्री के प्रमुख लोगों से चर्चा हुई है। प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए दवा कंपनियों की मदद ली जा रही है। हम सौभाग्यशाली हैं कि हमारे देश के पास इतना मजबूत फार्मा सेक्टर है जो बहुत अच्छी और तेजी से दवाएं बनाता है। इसके साथ ही अस्पतालों में बेड की संख्या को बढ़ाने का काम भी तेजी से चल रहा है। कुछ शहरों में ज्यादा डिमांड को देखते हुए विशेष और विशाल कोविड अस्पताल बनाए जा रहे हैं।’

देश में दुनिया की सबसे सस्ती वैक्सीन
‘पिछले साल जब कोरोना के कुछ ही मरीज सामने आए थे, उसी समय प्रभावी वैक्सीन के लिए काम शुरू हो गया था। वैज्ञानिकों ने दिन-रात एक कर वैक्सीन बनाई है। सबसे सस्ती वैक्सीन भारत में है। इस प्रयास में हमारे प्राइवेट सेक्टर ने इनोवेशन और एंटरप्राइज की भावना का बेहतरीन प्रदर्शन किया है। वैक्सीन की मंजूरी और रेगुलेटरी प्रोसेस को फास्ट ट्रैक रखने के साथ ही मदद को बढ़ाया गया है।’

देश में टीके के 12 करोड़ डोज दिए गए
‘भारत में दो मेड इन इंडिया वैक्सीन के साथ दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण शुरू किया गया। गति के साथ ही इस बात पर जोर दिया गया कि ज्यादा से ज्यादा क्षेत्रों तक और जरूरतमंद लोगों तक वैक्सीन पहुंचे। दुनिया में सबसे तेजी से भारत में पहले 10 करोड़, फिर 11 करोड़ और अब 12 करोड़ वैक्सीन डोज दिए गए हैं। आज कोरोना से इस लड़ाई में हमें हौसला मिलता है कि हमारे हेल्थकेयर वर्कर्स, फ्रंटलाइन कोरोना वारियर्स और सीनियर सिटिजन को वैक्सीन का लाभ मिल चुका है।’

18 साल से ऊपर के सभी लोगों को वैक्सीन
‘साथियों! कल ही वैक्सीन को लेकर एक और अहम फैसला भी हमने किया है। 1 मई के बाद से 18 साल से ज्यादा उम्र के किसी भी व्यक्ति को वैक्सीनेट किया जा सकेगा। अब भारत में जो वैक्सीन बनेगी, उसका आधा हिस्सा राज्यों और अस्पतालों को भी मिलेगा। पहले की तरह ही सरकारी अस्पतालों में मुफ्त वैक्सीन मिलती रहेगी। इसका फायदा हमारे गरीब परिवारों, मध्यमवर्ग, निम्न मध्यमवर्गीय परिवारों को मिल सकेगा। हम सभी का प्रयास जीवन बचाने के लिए तो है ही, प्रयास का तरीका यही रखा जा रहा है कि आर्थिक गतिविधियां और आजीविका कम से कम प्रभावित हों।’

राज्य सरकारें लोगों का भरोसा जगाए रखें
मोदी बोले, ‘वैक्सीनेशन को 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए ओपन करने से शहरी वर्कफोर्स को तेजी से वैक्सीन मिलेगी। श्रमिकों को भी तेजी से टीके मिलेंगे। मेरा राज्य प्रशासन से आग्रह है कि वो श्रमिकों का भरोसा जगाए रखें। उनसे आग्रह करें कि वे जहां हैं, वहीं रहें। राज्यों का यह भरोसा, उनकी बहुत मदद करेगा कि वे जिस शहर में हैं, वहीं पर अगले कुछ दिनों में वैक्सीन भी लगेगी और उनका काम भी बंद नहीं होगा।’

पिछली बार हालात अलग थे, इस बार तैयारी पूरी
‘पिछली बार जो परिस्थितियां थीं, वो अभी से काफी अलग थीं। तब हमारे पास इस महामारी से लड़ने के लिए कोरोना स्पेसिफिक मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं था। आप याद करिए, देश की क्या स्थिति थी। कोरोना टेस्टिंग के लिए पर्याप्त लैब नहीं थे, पीपीई का कोई प्रोडक्शन नहीं था, ट्रीटमेंट के बारे में खास जानकारी भी नहीं थी, लेकिन बहुत ही कम समय में हमने इन चीजों में सुधार किया। आज डॉक्टरों ने कोरोना के इलाज की बहुत ही अच्छी एक्सपर्टाइज हासिल कर ली है। वे ज्यादा से ज्यादा जीवन बचा रहे हैं।’

देश को लॉकडाउन से बचाना है, राज्य भी मदद करें
‘साथियों! आज की स्थिति में हमें देश को लॉकडाउन से बचाना है। मैं राज्यों से भी अनुरोध करूंगा कि वे लॉकडाउन को अंतिम विकल्प के रूप में ही इस्तेमाल करें। लॉकडाउन से बचने की भरपूर कोशिश करनी है। माइक्रो कंटेनमेंट जोन पर ही ध्यान केंद्रित करना है। हम अपनी अर्थव्यवस्था की सेहत भी सुधारेंगे और देशवासियों की सेहत का भी ध्यान रखेंगे।

नवरात्र-रमजान के जरिए अनुशासन की अपील
‘आज नवरात्र का आखिरी दिन है। कल राम नवमी है और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का हम सभी काे यही संदेश है कि हम मर्यादाओं का पालन करें। कोरोना से बचने के जो भी उपाय हैं, कृपया उनका शत प्रतिशत पालन करें। दवाई भी, कड़ाई भी। यह मंत्र वैक्सीन के बाद भी जरूरी है। रमजान के पवित्र महीने का भी आज सातवां दिन है। रमजान हमें धैर्य, संयम, अनुशासन की सीख देता है। कोरोना से जंग में अनुशासन की भी उतनी ही जरूरत है। जब जरूरी हो, तभी बाहर निकलें।’

धैर्य और अनुशासन से हालात बदलेंगे
‘मैं आपको फिर यह भरोसा देता हूं कि आपके साहस, धैर्य और अनुशासन के साथ आज के हालात को बदलने में देश कोई कसर नहीं छाेड़ेगा। आप स्वस्थ रहें, आपका परिवार स्वस्थ रहे, इसी कामना के साथ अपनी बात खत्म करता हूं।’’

प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले 7 बार देश को संबोधित कर चुके हैं..

पहला: 19 मार्च- 29 मिनट का भाषण, जनता कर्फ्यू की अपील

दूसरा: 24 मार्च- 29 मिनट का भाषण, 21 दिन के लॉकडाउन का ऐलान

तीसरा: 3 अप्रैल- 12 मिनट का वीडियो संदेश, 9 मिनट लाइटें बंद करने की अपील

चौथा: 14 अप्रैल- 25 मिनट का भाषण, देश में 3 मई तक लॉकडाउन बढ़ाया

पांचवां: 12 मई- 33 मिनट का भाषण, आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए 20 लाख करोड़ रुपए का पैकेज

छठवां: 30 जून- 17 मिनट का भाषण, अन्न योजना नवंबर तक बढ़ाने की घोषणा

सातवां: 20 अक्टूबर- बिहार में वोटिंग से 8 दिन पहले उन्होंने अपील की- जब तक कोरोना की दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं।

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