अपने पहले और आखिरी सफर पर निकला था टाइटैनिक, चार दिन बाद हुए दर्दनाक हादसे में गई थी 1500 से ज्यादा लोगों की जान

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32 मिनट पहले

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आज ही के दिन साल 1912 में टाइटैनिक जहाज अपने पहले और आखिरी सफर पर निकला था। ब्रिटेन के साउथैम्पटन बंदरगाह से न्यूयॉर्क के सफर पर निकला ये जहाज 14 अप्रैल 1912 को उत्तर अटलांटिक महासागर में एक हिमखंड से टकराकर दो टुकड़ों में टूट गया। हादसे में 1500 से ज्यादा लोग मारे गए। ये शांतिकाल का सबसे बड़ा समुद्री हादसा है। 1997 में इस जहाज पर एक मूवी बनी जिसने इस जहाज को मशहूर कर दिया।

टाइटैनिक को 20वीं सदी की शुरुआत में इंग्लैंड की जहाज बनाने वाली कंपनी वाइट स्टार लाइन ने बनाया था। इसे बनाने का काम 1909 में शुरू हुआ था और 1912 में इसे पूरा कर लिया गया। 2 अप्रैल 1912 को इसका समुद्री परीक्षण हुआ था। 10 अप्रैल 1912 को ये अपने पहले सफर पर निकला। सफर के चौथे दिन में था। 14-15 अप्रैल की रात जहाज समुद्र में बर्फ के एक पहाड़ से टकरा गया।

हादसे को लेकर अक्सर कई सवाल उठते रहे हैं। कहा जाता है कि जहाज के कैप्टन स्मिथ ने हिमखंड होने की चेतावनियों को नजरअंदाज किया और जहाज की गति कम नहीं की। ये भी कहा जाता है कि हादसे के बाद कई लाइफबोट आधी खाली ही भेज दी गई, जो बाकी यात्रियों को लेने वापस नहीं लौटी। कहा जाता है कि जहाज में 3 दिनों से आग लगी थी। इसकी जानकारी जहाज के कैप्टन और जहाज के कुछ सदस्यों को पहले से थी, लेकिन फिर भी ये बात छुपाई गई।

1917 में आज ही के दिन महात्मा गांधी बिहार के चंपारण जिले में सत्याग्रह के लिए पहुंचे थे।

1917 में आज ही के दिन महात्मा गांधी बिहार के चंपारण जिले में सत्याग्रह के लिए पहुंचे थे।

आज ही हुई थी ‘चंपारण सत्याग्रह’ की शुरुआत

1917 में आज ही के दिन महात्मा गांधी बिहार के चंपारण जिले में पहुंचे थे। यहां किसानों से अंग्रेज जबरदस्ती नील की खेती करवाते थे। किसानों को उनके खेत के 20 में से 3 हिस्सों में नील की खेती करने के लिए मजबूर किया जा रहा था। गांधी जी किसानों पर अत्याचार के विरोध में सत्याग्रह करने 10 अप्रैल 1917 को इस जिले में पहुंचे। उन्हें अशांति पैदा करने के आरोप में पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

ये खबर जैसे ही यहां के किसानों को लगी तो उन्होंने पुलिस स्टेशन सहित कोर्ट के बाहर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। इस सत्याग्रह का नतीजा ये रहा कि अंग्रेज सरकार को चंपारण कृषि विधेयक बनाना पड़ा। इसके बाद यहां 135 सालों से चली आ रही नील की खेती धीरे-धीरे बंद हो गई।

देश की पहली गैर-कांग्रेसी सरकार के प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई का 1995 में आज ही के दिन निधन हुआ था।

देश की पहली गैर-कांग्रेसी सरकार के प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई का 1995 में आज ही के दिन निधन हुआ था।

भारत-पाकिस्तान दोनों देशों के सर्वोच्च सम्मान पाने वाले एकमात्र भारतीय प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई का निधन

29 फरवरी 1896 को गुजरात में जन्मे मोरारजी देसाई देश की पहली गैर-कांग्रेसी सरकार के प्रधानमंत्री थे। आज ही के दिन 1995 में उनका निधन हुआ। 1977 में हुए चुनावों में इंदिरा गांधी की हार हुई जिसके बाद मोरारजी देसाई जनता पार्टी सरकार के प्रधानमंत्री बने। हालांकि वे मात्र दो साल तक ही प्रधानमंत्री रह पाए। वे पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं जिन्हें भारत और पाकिस्तान देशों के शीर्ष सम्मान ‘भारत रत्न’ और ‘निशाने-पाकिस्तान’ से नवाजा गया।

परमवीर मेजर धनसिंह थापा का जन्म

आज ही के दिन 1928 में परमवीर चक्र से सम्मानित मेजर धनसिंह थापा का जन्म हुआ था। 20 अक्टूबर 1962 को चीनी सेना के करीब 600 सैनिकों ने सिरिजाप घाटी की पोस्ट पर धावा बोल दिया था। इस पोस्ट की कमान गोरखा राइफल्स के मेजर धनसिंह थापा के पास थी। थापा दुश्मन के साथ पूरी ताकत से लड़े और बड़ी संख्या में चीनी सैनिकों को मार गिराया। लेकिन चीनी सेना ने उन्हें बंदी बना लिया। भारतीय सेना को खबर नहीं थी कि उन्हें बंदी बना लिया गया है।

घर वालों ने उन्हें शहीद मानकर उनका अंति‍म संस्‍कार कर दिया। लेकिन बाद में जब चीन ने भारत के बंदी बनाए सैनिकों की सूची सौंपी तो उसमें धनसिंह थापा का भी नाम था। युद्ध खत्म होने के बाद जब वे भारत लौटे तो पूरे देश में जश्न का माहौल था। उन्हें सेना का सर्वोच्च सम्मान परमवीर चक्र देकर सम्मानित किया गया।

इतिहास में 10 अप्रैल के दिन और क्या-क्या हुआ था-

2019: खगोलविदों ने पहली बार किसी ब्लैक होल की फोटो जारी की। ये विशाल आकाशगंगा M87 के केंद्र में है।

2010: पोलैंड के राष्ट्रपति लेख काजिस्की और उनकी पत्नी मारिया की विमान दुर्घटना में मौत।

2008: भारतीय सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्रीय शिक्षण संस्थानों और केंद्र सरकार से सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थाओं में अन्य पिछड़े वर्गों के छात्रों के लिए 27% आरक्षण को संवैधानिक मंजूरी दी।

2001: नीदरलैंड ने एक विधेयक पारित कर इच्छा मृत्यु को मंजूरी दी। वह इस तरह का कानून बनाने वाला दुनिया का पहला देश बना।

1982: भारत के बहुउद्देशीय उपग्रह इनसेट- 1 ए का सफल प्रक्षेपण।

1973: पाकिस्तान में नया संविधान लागू होने के बाद जुल्फिकार अली भुट्टो राष्ट्रपति की जगह प्रधानमंत्री बने।

1972: ईरान में भूकंप से करीब 5 हजार लोगों की मौत।

1953: पहली कलर्ड 3-D मूवी हाउस ऑफ वैक्स न्यूयॉर्क में रिलीज हुई।

1941: पूर्व विदेश मंत्री और कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर का जन्म हुआ।

1932: हिंदुस्तानी संगीत की विख्यात गायिका किशोरी आमोनकर का जन्म हुआ। अतरौली जयपुर घराने की आमोनकर को 2002 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।

1931: मशहूर लेखक खलील जिब्रान का निधन हुआ।

1894: भारतीय उद्योगपति घनश्यामदास बिड़ला का जन्म हुआ।

1875: स्वामी दयानंद सरस्वती ने आर्य समाज की स्थापना की।

1849: अमेरिका में वाल्टर हंट नाम के शख्स ने सेफ्टी पिन का पेटेंट लिया। बाद में उन्होंने इसे महज 400 डॉलर में बेच दिया।

1847: पुलित्जर पुरस्कारों के प्रणेता अमेरिकी पत्रकार और प्रकाशक जोसेफ पुलित्जर का जन्म।

1710: ब्रिटेन में दुनिया का पहला कॉपीराइट एक्ट लागू हुआ।

1633: लंदन में पहली बार केले की बिक्री शुरू हुई।

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